यूपीपीसीएल ने मंजूरी के बिना किया बिजली की दरों में इजाफा ,आयोग ने लगाई रोक


लखनऊ. 


उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग से बड़ा झटका लगा है। आयोग ने बिना अनुमति के यूपी में बढ़ी बिजली दरों पर रोक लगा दी है। नियामक आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि आदेश दिया है कि जब तक आयोग इसपर कोई निर्णय नहीं ले लेता तब तक इसे लागू नहीं  किया जाएगा।


आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह ने पूरे मामले पर चर्चा के उपरान्त यह फैसला सुनाते हुये सभी बिजली कम्पनियों के प्रबन्ध निदेशकों सहित चेयरमैन पावर कारपोरेशन को अविलम्ब बढ़ोत्तरी के आदेश पर रोक लगाने निर्देश जारी कर दिया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि जब तक आयोग इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय नहीं ले लेता है, पावर कारपोरेशन कोई भी कार्यवाही नहीं करेगा। 


नियामक आयोग की अनुमति के बिना ही पावर कार्पोरेशन ने प्रदेश में 4 से 66 पैसे प्रति यूनिट तक की बिजली दरें बढ़ा दी थीं। इसके पीछे तर्क दिया था कि कोयला और तेल के दामों में बढ़ोत्तरी के कारण ये दरें बढ़ाई गई हैं। यही नहीं ये दरें जनवरी महीने के बिल से ही लागू कर दी गई थीं।