यूपी बोर्ड किताबों के प्रकाशकों को चुकाना होगा जीएसटी


उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) यानी यूपी बोर्ड की किताबों के प्रकाशकों को नैशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) को जीएसटी चुकाना होगा। इससे संबंधित प्रस्‍ताव को राज्‍य सरकार और एनसीईआरटी ने ओके कर दिया है।

पिछले साल से यूपी बोर्ड से संबद्ध स्‍कूलों में 9 से 12वीं की क्‍लास के स्‍टूडेंट्स के लिए सभी विषयों की एनसीईआरटी किताब शुरू की गई थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब यूपी बोर्ड को न सिर्फ इन किताबों के इस्‍तेमाल के लिए रॉयल्‍टी चुकानी पड़ेगी बल्कि इस रॉयल्‍टी पर 12% के हिसाब से जीएसटी भी देना होगा।


अधिकारियों ने बताया कि किताब की कुल राशि का 5% रॉयल्‍टी के रूप में देना होगा। पिछले साल बोर्ड ने अकेले रॉयल्‍टी के तौर पर एनसीईआरटी को इसके लिए 7.98 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।


अगर राशि को ध्यान में रखा जाए तो जीएसटी जोड़कर अब 85.17 लाख रुपये और देने होंगे। हाल ही में यूपी बोर्ड से बकाया जीएसटी राशि को क्‍लियर करने के लिए कहा था लेकिन बोर्ड इस स्थिति में नहीं था कि वह जीएसटी की बकाया राशि चुका सके।


अब एनसीईआरटी ने यूपी बोर्ड को अनुमति दी है कि वह 2021-22 सत्र के लिए अपनी किताबें पब्लिश करे लेकिन इस शर्त के साथ कि बोर्ड इस नए सत्र में जीएसटी अमाउंट का पेमेंट कर देगा और जल्द से जल्द पिछले बकाए को क्‍लियर कर देगा।