सीडीएस बनने के बाद जनरल रावत का पहला फैसला,एयर डिफेंस कमांड बनाने की दिशा में उठाया कदम


नई दिल्ली


देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बनने के बाद जनरल बिपिन रावत ने पहला फैसला हवा में भारत की ताकत को बढ़ाने के लिए एक एयर डिफेंस कमांड को तैयार करने के लिए किया है। देश की हवा में ताकत बढ़ाने और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सीडीएस ने एयर डिफेंस कमांड को बनाने को लेकर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। जनरल रावत ने एयर डिफेंस कमांड का खाका तैयार करने के लिए 30 जून की समयसीमा तय की है।


अधिकारियों ने कहा कि तीनों सेनाओं के संयुक्त और आपसी क्रियाकलापों के लिए कुछ क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं जिनमें ऐसे स्टेशनों पर साझा 'लॉजिस्टिक सपॉर्ट पूल' स्थापित करना शामिल है जहां दो या अधिक सेनाओं की मौजूदगी है। एक अधिकारी ने कहा, 'सीडीएस ने निर्देश दिया कि वायु रक्षा कमान बनाने के प्रस्ताव को 30 जून तक तैयार किया जाए।' उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच आपसी सहयोग और तालमेल के लिए 31 दिसंबर तक तमाम पहलों को लागू करने की प्राथमिकताएं भी तय की है।


इसके अलावा जनरल रावत ने आने वाले दिनों में थिअटर कमांड्स बनाने की बात कही है। सीडीएस ने कहा है कि भारत थिअटर कमांड बनाने के लिए पश्चिमी देशों की नकल करने के बजाय अपनी तरह से प्रक्रिया तय करेगा। रावत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब तीनों सेनाएं आधुनिकीकरण के लिए धन की कमी से जूझ रही हैं और पाकिस्‍तान तथा चीन के ख‍तरे को देखते हुए तत्‍काल जल, थल और नभ, तीनों सेनाओं को एकीकृत करने की जरूरत है।