पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की न्यायिक हिरासत 30 जनवरी तक बढ़ी


लंदन. 


पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी (48) की लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पेशी हुई। कोर्ट ने नीरव की न्यायिक हिरासत 30 जनवरी तक बढ़ा दी। नीरव 19 मार्च 2019 से लंदन की वांड्सवर्थ जेल में है। भारत की अपील पर उसकी गिरफ्तारी हुई थी। उसकी जमानत अर्जी 5 बार खारिज हो चुकी। नीरव ने नवंबर में पेशी के वक्त धमकी दी थी कि भारत प्रत्यर्पण हुआ तो आत्महत्या कर लेगा। उसके वकीलों ने यह दलील भी दी कि उनके क्लाइंट पर जेल में तीन बार हमला हो चुका, वह डिप्रेशन में है।


विशेष अदालत नीरव को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर चुकी


भारतीय एजेंसियां नीरव के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हैं। मई में नीरव के प्रत्यर्पण का मुकदमा शुरू होगा। मुंबई स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट ने 5 दिसंबर को नीरव को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। यानी अब नीरव की संपत्तियां जब्त की जा सकेंगी।