कुरुक्षेत्र में दिखेगा भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप


नोएडा. 


भगवान श्रीकृष्ण के विशाल रूप के दर्शन अब तक टीवी और किताबों में ही आपने देखे होंगे। लेकिन अब भगवान श्रीकृष्ण की विराट मूर्ति बनाने का काम काम नोएडा में किया जा रहा है। यहां के मूर्तिकार श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप की मूर्ति का निर्माण कर रहे हैं। इसे दिसंबर 2020 तक कुरूक्षेत्र के ज्योतिसार में स्थापित किया जाएगा। कांसे की यह मूर्ति 40 फीट ऊंची होगी। भगवान श्रीकृष्ण के साथ यहां पर अर्जुन, अभिमन्यु और सरशैय्या पर लेटे भीष्म पितामाह की मूर्ति भी स्थापित होगी। 


कुरुक्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना


केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से कुरुक्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। इसके लिए मूर्ति निर्माण की जिम्मेदारी राम वंजी सुतार को दी गई है। मूर्तियों का निर्माण नोएडा के सेक्टर-63 स्थित कार्यशाला में किया जा रहा है। इन मूर्तियों के निर्माण में 100 लोगों की टीम लगी है। यह बनाई जा रही मूर्ति कांसे की बनाइ जा रही है, जिसमें 85 प्रतिशत कापर, 5 प्रतिशत टिन, 5 प्रतिशत जिंक, 5 प्रतिशत लेड का मिश्रण है। 


दावा है कि यह मूर्ति हजारों साल तक ऐसी ही रहेंगी। मूर्तिकार अनिल सुतार ने बताया कि इस तरह की मूर्तियों का निर्माण मोहनजोदड़ो सभ्यता में होता था। कला पुरानी है, लेकिन सजीव है। दिसंबर 2020 तक इन मूर्तियों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। 


महाभारत के युद्ध का होगा चित्रण


भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत युद्ध के समय ही अर्जुन को गीता का सार सुनाते हुए विराट रूप के दर्शन दिए थे। यहां उसी विराट रूप को दिखाया जाएगा। इसके अलावा हाथों में रथ का पहिया लिए चक्रव्यू को तोड़ते अभिमन्यु की 14 फीट ऊची मूर्ति, बांण चलाकर भीष्म पितामाह को पानी पिलाते अर्जुन की 9 फीट की प्रतिमा, सरशैय्या पर लेटे भीष्म पितामाह की 10 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित होगी।


पर्यटन के लिहाज से आने वाले लोग महाभारत के वास्तविक स्वरूप से वाकिफ हो सकेंगे। अनिल सुतार ने बताया कि इससे पहले 2008 में ब्रह्म सरोवर में विशार रथ बनाया था, जिसे स्थापित किया जा चुका है। इसकी लंबाई 60 फीट, 35 फीट चौड़ा और 30 फीट ऊंचा है।