केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की नसीहत, निजी स्कूलों में भी हो गीता पाठ


बेगूसराय


अपने बयानों के लिए चर्चित केंद्रीय मंत्री और बिहार के बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री गिरिराज सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मिशनरी स्कूलों से पढ़कर विदेश जाने वाले ज्यादातर भारतीय बीफ खाना शुरू कर देते हैं। गिरिराज ने कहा कि छात्रों में संस्कार डालने के लिए निजी स्कूलों में गीता के श्लोकों की शिक्षा दी जानी चाहिए।


बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को गीता का श्लोक सिखाया जाए और स्कूल में मंदिर बनाया जाए, क्योंकि मिशनरी स्कूलों में बच्चे पढ़-लिखकर डीएम, एसपी और इंजिनियर तो बन जाते हैं लेकिन वही बच्चे जब विदेश जाते हैं तो अधिककर गोमांस का भक्षण करते हैं। उन्हें वह संस्कार ही नहीं मिल पाता है। लिहाजा जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही स्कूलों में गीता का श्लोक और हनुमान चालीसा पढ़ाया जाए।'

'बच्चों को गीता श्लोक सिखाया जाए'


गिरिराज ने भागवत कथा के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेते हुए कहा, 'सरकारी स्कूलों में अगर मैं गीता का श्लोक और हनुमान चालीसा पढ़ाने की बात करेंगे तो लोग कहेंगे कि भगवा अजेंडा लागू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत प्राइवेट स्कूलों से होनी चाहिए।'

बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं गिरिराज


गिरिराज के बयान पर अकसर विवाद होता रहा है। इससे पहले पिछले साल सितंबर में गिरिराज सिंह ने कहा था कि जिस तरह से जनसंख्या बढ़ रही है, अगर जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बना तो ना तो देश में सामाजिक समरसता बचेगी और ना ही विकास होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि देश के 54 जिलों में हिंदुओं की आबादी गिर गई है।

गिरिराज ने कहा, '1947 में 33 करोड़ आबादी थी, आज घोषित 125 करोड़ है, अघोषित 136-141 करोड़ है। आज देश में 54 जिलों में हिंदुओं की आबादी गिर गई है। अगर जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बना तो ना तो विकास होगा ना सामाजिक समरसता बचेगी।'