अयोध्या-नए साल के पहले दिन रामलला को 56 भोग लगाया गया


अयोध्या.


बरसों से चल रहा इंतजार अब खत्म हो रहा है। 9 फरवरी के पहले केंद्र सरकार राममंदिर ट्रस्ट का गठन कर देगी। इसी साल 2 अप्रैल को रामनवमी पर मंदिर निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि आज नए साल के पहले दिन रामलला को सुबह साढ़े ग्यारह बजे 56 तरह के फल-मेवे और पकवान का भोग लगा। राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जी ने कहा- यूं तो छप्पन भोग का प्रसाद हर वर्ष प्रभु को चढ़ता है, लेकिन साल के पहले दिन चढ़ना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

उन्होंने कहा कि जल्द ही राम मंदिर का निर्माण शुरू होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 महीने का समय दे रखा है जिसकी अवधि बहुत ही जल्द समाप्त होने वाली है। हमारे रामलला को नया घर मिलने वाला है। इसी खुशी में आज उनको छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया गया है। प्रसाद चढ़ाने के बाद सारे भक्तों में वितरित होगा।


साल के पहले दिन रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन करने करीब 70 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यहां रोज करीब 18 हजार लोग आ रहे हैं। पहले संख्या 10-12 हजार होती थी। यहां हर 15 दिन में दानपेटी खोली जाती है। इसमें चढ़ावा पहले से दोगुना होकर 6 लाख रुपए तक पहुंच गया है। अयोध्या के सभी होटल और धर्मशालाएं दो दिन पहले से ही फुल हैं। मस्जिद के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी ने भास्कर को बताया कि वो नए साल पर रामलला विराजमान के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास से मिलेंगे। उनसे निवेदन करेंगे कि वे उनकी तरफ से रामलला से प्रार्थना करें कि जल्द से राम मंदिर निर्माण शुरू हो और देश में सुख-शांति रहे। इस बीच, श्रीरामलला विराजमान शहर के नए स्वरूप, ढांचागत सुविधाओं का खाका तैयार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अफसरों की टीम यहां बार-बार दौरा कर रही हैं। टीम के एक अफसर ने बताया कि श्रीरामलला विराजमान शहर का दायरा 100 एकड़ में होगा। आसपास के राजस्व ग्राम जुड़ जाएंगे। तिरुपति और वेटिकन की तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा। अयोध्या में 9 प्लेटफॉर्म वाला नया स्टेशन बनाने की योजना है।


ढांचागत विकास के लिए सरकार, मंदिर के लिए जनसहयोग से फंड 


श्रीरामलला शहर के ढांचागत विकास के लिए केंद्र सरकार फंड देगी, जबकि मंदिर निर्माण के लिए रामलला ट्रस्ट जनसहयोग से धन जुटाएगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय मंदिरों को रखरखाव के लिए राशि देता है। सरकार बजट में भी अलग से फंड दे सकती है।  


विक्रमादित्य के बनाए मंदिर के फर्श से जुड़ेगा नया मंदिर


नए राम मंदिर में पुराने मंदिर की झलक मिलेगी। 12वीं सदी में विक्रमादित्य ने यहां भव्य राम मंदिर बनवाया था। इसके अवशेष खुदाई में मिले हैं। फर्श का हिस्सा अभी भी मौजूद है। ये पौराणिक अवशेष भी नए राम मंदिर का हिस्सा होंगे। 


राम वाटिका के बीच नया मंदिर, लेजर शो, म्यूजियम भी होगा


अयोध्या के राम मंदिर में लेजर शो से रामचरित्र का बखान होगा। परिसर में ही म्यूजियम बनेगा, जिसमें मंदिर के पौराणिक अवशेष संरक्षित रखेे जाएंगे। इसके प्रसादालय की राम रसोई में लंगर चलेगा। मंदिर परिसर में ही शेषावतार मंदिर भी बनेगा।