40 हजार बिल चुकता न रखने पर डॉक्टर ने नवजात को रखा गिरवी, मामला करीब 15 माह पुराना


बागपत. 


उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नर्सिंग होम में दंपती ने 40 हजार रूपए का बिल नहीं चुकाया तो डॉक्टरों ने उनके नवजात बच्चे को गिरवी रख लिया। मामला करीब 15 माह पुराना है। सोमवार को महिला रुपए लेकर बच्चे को मुक्त कराने पहुंची तो डॉक्टर ने उसे भगा दिया और बच्चा भी नहीं दिया। पीड़ित परिवार ने बड़ौत कोतवाली में डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है। फिलहाल पुलिस के अधिकारियों ने बच्चा बेचने की आशंका जताई और मामले की गम्भीरता को देखते हुए थाना पुलिस को कार्रवाई का आदेश दे दिया है।


कोतवाली बड़ौत क्षेत्र के बिजरौल गांव के रहने वाले मोहर सिंह ने पत्नी शिखा को 15 सितंबर 2018 को कस्बा बड़ौत में ही ऊषा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। जहां पर उसने एक बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टर ने डिस्चार्ज होने के समय मोहर सिंह को 40 हजार रूपए का बिल थमाया। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वे बिल जमा नहीं कर पाए थे। आरोप है कि डॉक्टर ने रूपए के बदले उनके बच्चे को अस्पताल में ही रख लिया था। उसके बाद जब भी वे बच्चे को लेने जाते तो डॉक्टर रूपए लाने की बात कहकर बच्चा देने से मना कर देती थी, जबकि कई बार वे उन्हें कुछ रूपए भी दे चुके थे। 


सोमवार को जब दम्पति बचे हुए रूपए लेकर नर्सिंग होम में पहुंचे तो डॉक्टर ने बच्चा नहीं दिया। बच्चा नहीं मिलने से परेशान पीड़ित दंपती कोतवाली बडौत पहुंचे और उन्होंने तहरीर देते हुए बच्चा दिलाने और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 


अस्पताल की डॉक्टर तेषु हुड्डा ने खुद के ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार और झूठा बताया है। कहना है कि परिवार को उसी वक्त बच्चा दे दिया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिसौदिया ने कहा- मामले की जांच के लिए कोतवाली पुलिस को आदेश दे दिए गए है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।