उन्नाव- जमानत पर रिहा होकर आए गैंगरेप के आरोपियों ने पीड़ित को जलाया


उन्नाव. 


उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जमानत पर रिहा होकर आए गैंगरेप के 2 आरोपियों ने गुरुवार तड़के पीड़ित युवती को जला दिया। पुलिस ने युवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। पीड़ित को आग की घटना को गैंगरेप के मुख्य आरोपी शुभम ने 3 अन्य साथियों के साथ अंजाम दिया। शुभम और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन की तलाश की जा रही है।


पुलिस के मुताबिक, घटना बिहार थाना क्षेत्र के हिंदूनगर की है। गुरुवार तड़के गैंगरेप मामले की सुनवाई के लिए पीड़ित रायबरेली कोर्ट जा रही थी। ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल जाते वक्त रास्ते में पहले से बैठे दोनों मुख्य आरोपी शुभम और शिवम त्रिवेदी और उनके तीन साथियों ने युवती को घेर लिया। इसके बाद उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। 
 


पुलिस ने कहा- युवती ने बयान में आरोपियों के नाम बताए


एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि पीड़ित की हालत गंभीर है। वह 90% जल चुकी है। युवती ने बयान में आरोपियों के नाम बताए हैं। पुलिस ने आरोपी शुभम त्रिवेदी और उसके पिता हरिशंकर त्रिवेदी गिरफ्तार कर लिया। 3 आरोपी फरार हैं। सभी की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही है। पुलिस ने बताया कि शुभम और शिवम गैंगरेप मामले में दो दिन पहले ही जेल से जमानत पर रिहा होकर आए थे। रायबरेली कोर्ट के आदेश पर रेप का केस दर्ज किया गया था।



दिसंबर 2018 में गैंगरेप, 4 महीने बाद केस दर्ज हुआ था


इसी साल मार्च में युवती ने गैंगरेप की एफआईआर दर्ज कराई थी। युवती ने बताया था कि गांव के रहने वाले शिवम त्रिवेदी से उसका प्रेम संबंध था। शिवम ने उसका रायबरेली ले जाकर रेप किया और वीडियो बना लिया। इसके बाद लगातार रेप करता रहा। शादी का दबाव बनाया तो रायबरेली ले जाकर एक कमरे में रख दिया। यहां नजरबंद कर दिया। इसके बाद 12 दिसंबर 2018 को आरोपी शिवम अपने साथी शुभम त्रिवेदी के साथ आया। दोनों मंदिर में शादी कराने के बहाने ले गए और गैंगरेप किया। बिहार पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी शिवम त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।