सर्वधर्म सद्भावना समारोह का समापन व भंडारा 28 को

अमेठी


हरिकेश यादव -संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)


क्षेत्रवासियों के कल्याण और उनके मार्गदर्शन के लिए राम कथा सत्संग का आयोजन किया गया है। इस सत्संग के रूप में लोगों का मार्गदर्शन महान विभूति संत सतगुरु देव सतपाल महाराज जी के शिष्य ज्ञान युक्त आनंद व पार्वती भाई के द्वारा किया जा रहा है । कथा श्रवण का समय 11:00 बजे से 3:00 बजे तक है जिसमें समाज के सभी वर्ग के लोग अमृत रूपी कथा का रसास्वादन कर रहे हैं ।



(फोटो -कथावाचक पार्वती बाई )


कार्यक्रम के रूप में मुख्य वक्ता पार्वती भाई ने लोगों को संदेश दिया कि शास्त्रों की यह मान्यता है कि जितने भी लोग इस भूतल पर विद्यमान हैं ,वे सब मन और शतरूपा की संतान हैं । इसी प्रकार पाँच आसमानी किताबों में लिखा है कि खुदा ने सबसे पहले आदम और हौवा को बनाया । बाइबिल भी यह कहती है कि जहोया ( ईश्वर ) ने सबसे पहले एडम और इय को बनाया । इन धार्मिक पुस्तकों के अनुसार हम लोग या तो आदम - हौया की संतान हैं , या एडम - इब की संतान हैं , या फिर हम मनु और शतरूपा की संतान हैं ।


इस प्रकार हम सब लोग जब एक ही माता - पिता की संतानें हैं ,तो फिर हम आपस में लड़ते क्यों हैं ।हमारे अन्दर यह फिरकेबाजी और वैमनस्यता की भावना क्यों है ।क्योंकि हम धर्म के मर्म को समझ नहीं पाये , केवल बाहरी रूप तक सीमित रह गये । जब हम धर्म के वास्तविक स्वरूप  "आत्मदर्शन ",को समझेंगे और उसकी अनुभूति करके उसका रसास्वादन करेंगे ,तब हमें यह पता लगेगा कि मानव - मानव के अन्दर कोई फर्क नहीं है ,सभी एक ही माता - पिता की संतान हैं ,हम सब भाई - भाई हैं। मैं प्रत्येक परिस्थिति में मानव धर्म का ही पालन करना चाहिए।



(फोटो -अमृत रूपी कथा को श्रवण करते हुए श्रद्धालुगण )


इस सत्संग समारोह का आयोजन मानव सद्भावना केंद्र , मानव उत्थान सेवा समिति माधवपुर  स्थित गौरीगंज के माध्यम से किया गया है जिसमें सभी भक्तगण व समाजसेवी समाज को जागृत करने में अपना योगदान दे रहे हैं। इस सत्संग का समापन व भंडारा 28 दिसंबर को किया गया है।