साक्षात्कार : आनंद मिश्रा 'लेमन मैन रायबरेली' (नींबू की कुशल बागवानी)


Indevin Times की टीम आज आनंद मिश्रा के नींबू के बाग को देखने उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के डीह विकास खंड के गांव कचनावा में पहुंची, आनंद मिश्रा जी नींबू की बागवानी करते हैं उनकी नींबू की कुशल बागवानी के चर्चे पूरे देश  में हैं और वह " लेमन मैन रायबरेली "के नाम से पूरे देश में प्रसिद्ध हो रहे हैं।


आनंद जी ने अपने व्यस्ततम समय में से कुछ समय निकालकर Indevin Times   को अपना साक्षात्कार दिया और देशहित और किसानों के हित में कई जरूरी जानकारियों का आदान-प्रदान हुआ।


प्रश्न- आनंद जी कुछ अपने बारे में बताएं


उत्तर- मैं पढ़ लिखकर  गांव से बाहर नौकरी की खोज में चला गया। पंजाब-हरियाणा ,नोएडा, राजस्थान और लास्ट में पटना से नौकरी करते हुए नौकरी को छोड़ दिया।



नौकरी करते थे लेकिन जो बाकी समय बचता था उसमें केवल एक ही सोच होता था कि हम नौकरी से अपने बीवी बच्चों का अपने मां-बाप  के लिए हम सब काम कर रहे हैं, लेकिन देश के लोगों के लिए हम किस तरह से सहायता कर सकते हैं। 24 घंटे मन के अंदर यही अंतर्द्वंद चलता रहता था। अतः मन की जीत हुई और 13 साल नौकरी करने के बाद नौकरी छोड़ दिया। अब नींबू की बागवानी के माध्यम से देश के  किसानों की सहायता कर रहे हैं ।


प्रश्न - आनंद जी आपने नींबू को ही क्यों चुना?
 उत्तर- नींबू एक ऐसा फल है जिसकी डिमांड साल के 12 महीने होती है, इस फल को डायरेक्ट बाजार में बेचा जा सकता है। इसका प्रसंस्करण करके अचार बनाया जा सकता है। जिस भी रूप में हम लोग चाहते हैं, उस रूप में इसको बेच सकते हैं। इस वजह से हमने नींबू की बागवानी को चुना ।


प्रश्न -आनंद जी यह बताएं कि यह बाग एक बार लगने पर कितने सालों तक फल देती रहती ?
उत्तर-नींबू की बाग एक बार लगाने पर अच्छी देख रहे और जैविक खाद का प्रयोग करते हैं। मृदा संरक्षण के क्षेत्र में काम करके, इसको 30 से 35 सालों तक इसकी लाइफ साइकिल रहती है।


प्रश्न -आनंद जी इसको किस प्रकार की मिट्टी में लगाया जा सकता है?


उत्तर -लगभग यह सभी प्रकार की मिट्टी में आसानी से नींबू हो जाता है, लेकिन जिस मिट्टी का PH  6:30 से  7.5 के बीच में रहता है उसमें अच्छे से उसकी उपज होती हैl


 प्रश्न- आनंद जी आप मृदा संरक्षण के क्षेत्र में काम करते हैं तो लोगों को क्या सुझाव देना चाहेंगे?


उत्तर- सर्वप्रथम तो मृदा संरक्षण के क्षेत्र में अपने घर से प्रयास करना होगा जो डिटर्जेंट पावडर या साबुन हम  कास्टिक  युक्त प्रयोग करते हैं उसको हमें इको फ्रेंडली यूज करना होगा, क्योंकि जो साबुन का पानी है कपड़ा धोकर हम लोग देखते हैं वह पृथ्वी में जाता है और उसमें केमिकल की मात्रा बढ़ती रहती है तो  सिर्फ इको फ्रेंडली साबुन हमें यूज करना होगा ।



प्रश्न- आनंद जी क्या यह नींबू की बाग को जानवर नुकसान पहुंचाते हैं?
उत्तर - नहीं जानवर इसके फल और पत्ती को नहीं खाता है ना ही पेड़ को नुकसान पहुंचाता है कोई बड़ा जानवर अगर बगैर बैरिकेडिंग के बाग लगी है और जानवर  अंदर गया तो पंक्तियों डालियों को तोड़ सकता है भागने के क्रम में अदर वाइज वह इसको नहीं खाता  है।


प्रश्न- आनंद जी देश के किसानों के लिए आपके पास अभी क्या योजनाएं हैं?
उत्तर -हम देश के किसानों के लिए समर्पित हैं तन मन धन से समर्पित हैं देश के किसानों को जब तक दोगुनी से चार गुनी आमदनी उनकी किसानी और बागवानी के माध्यम से हम नहीं कर देते हैं हमें चैन नहीं आएगा, हम उनके लिए जल्द ही प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेंगे ओर ग्रुपवाइज अगर कहीं ज्यादा से ज्यादा किसान मिल जाते हैं तो हम उनके यहां जाकर के भी उन को प्रशिक्षण देंगे और यह बात हम सरकार के  सामने रख रहे हैं कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे कि हम सब किसानों को देश के किसानों को सिस्टमैटिक ढंग से प्रशिक्षित करके बागवानी लगा सके,  प्रथ्वी के ज्यादा से ज्यादा भाग हरियाली से आच्छादित हो सके ।
क्लीन इंडिया ग्रीन इंडिया का सपना सच हो सके।



प्रश्न- आनंद जी क्या देश के किसान आपसे संपर्क कर रहे हैं ?
 उत्तर -जी हां देश के सैकड़ों किसान हमसे सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े हुए हैं हमें  बराबर फोन करते रहते हैं  जो भी उनकी परेशानी है होती है उनको सलाह देते हैं वह सलाह पर अमल करते हैं और उनको लाभ भी  मिल रहा है बीच-बीच में किसान हमारे यहां आते हैं ट्रेनिंग लेते हैं जाते हैं बागवानी करने की उनकी बहुत सारी इच्छाएं हैं खेती बारी भी वह कर रहे हैं 



प्रश्न- आनंद जी इसके बाग कौन कौन से महीने में लगती है ?


उत्तर -इसकी बाग जनवरी महीने में और जून महीने में साल में दो बार लगती है और हम नर्सरी  तैयार करके किसानों के लिए देते हैं।


प्रश्न- बागवानी में सरकार किस प्रकार से सहायता करती ?
उत्तर -बागवानी में सरकार कई प्रकार से सहायता करती है  सरकार ने कई योजनाएं चला रखी है लोगों को बागवानी करने के लिए जैसे फेंसिंग के लिए सब्सिडी है स्प्रिंकलर माइक्रो इरीगेशन सिस्टम सोलर पंप आदि के लिए बहुत सारी सब्सिडी गवर्नमेंट ने दे रखी है किसानों को  संबंधित  उद्यान विभाग कृषि विभाग से मिल करके उसका लाभ उठा सकते हैं


प्रश्न- प्रति पेड़ कितनी आमदनी हो सकती हैं?
उत्तर - तीन साल बाद १००० से १५०० रूपए की आमदनी हो सकती हैं। जो हर साल बढ़ती रहतीं हैं।


प्रश्न- एक अंतिम बात और आप से पूछने हैं कि किसान आपसे किस तरह से संपर्क कर सकता है ,किन माध्यमों से आपसे संपर्क कर सकता है?
उत्तर -फोन के माध्यम से सोशल मीडिया के माध्यम से और गूगल पर लेमन मैन रायबरेली के नाम से सर्च करके कांटेक्ट नंबर उसको मिल जाएंगे वहां से भी हमें सर्च करके हमसे संपर्क कर सकता है