रणवीर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया गया विश्व मानवाधिकार दिवस

अमेठी


हरिकेश यादव -संवाददाता (इंडेविन टाइम्स)


रणवीर स्नातकोत्तर महाविद्यालय अमेठी में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा मालवीय सभागार में विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ0 त्रिवेणी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण द्वारा किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डाॅ0 त्रिवेणी सिंह ने कहा कि मानवाधिकार मानवों के लिए है दानवों के लिए नहीं। आज हम अपने अधिकारों को जानते हैं मानते हैं पर पालन नहीं करते। आज हमें आदर्श मानव बनने की जरूरत है। मानवीय गुणों एवं नैतिक मूल्यों में निरन्तर गिरावट आ रही है जो चिन्ता का विषय है।



 


सदविचारों एवं संस्कारों द्वारा ऐसी नैतिक शिक्षा देने की जरूरत है जो मानव के अन्दर विद्यमान ईश्वरीय गुणों को मूर्त रूप दिया जा सके। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डाॅ0 ओमशिव पाण्डेय ने कहा कि जीवन जीने का अधिकार सबसे बड़ा मानव का अधिकार है। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ0 धनन्जय सिंह ने कहा कि आज भारत में मानवाधिकार का परिदृश्य बदल गया है। स्वतन्त्रता के पूर्व लैंगिक एवं जातिगत असमानता, धार्मिक भेदभाव अंग्रेजी की शोषणकारी नीतियाँ मानवाधिकार का मुख्य मुद्दा था। मानवाधिकार के लिए बने कानूनों की समय पर समीक्षा आवश्यक है।


आज समावेशी विकास मानव की सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्वागत करते हुए राजनीति विज्ञान विभाग के डाॅ0 अनिल कुमार शुक्ल ने मौलिक अधिकारों एवं नीतिनिदेशक तत्वों पर प्रकाश डाला और कहा कि आज मानव को अनेक संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। डाॅ0 मनीषा सिंह ने महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न पर चिन्ता व्यक्त किया और कहा कि कठोर कानून द्वारा इसे रोका जा सकता है। कार्यक्रम में डाॅ0 ओ0पी0 त्रिपाठी, डाॅ0 देवेन्द्र मिश्र, डाॅ0 विवेक कुमार सिंह, डाॅ0 जयेश त्रिपाठी आदि शिक्षक तथा छात्र एवं छात्रायें उपथित रहे। आभार डाॅ0 आशीष कुमार शुक्ल ने व्यक्त किया तथा संचालन छात्रा रीतू मिश्रा ने किया।