पराली जलाने पर 25 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़


एटा. 


सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पराली जलाए जाने के आरोप में विभिन्न थानों में 25 किसानों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही 9 लेखपाल और कृषि विभाग के 6 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।


जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने बताया कि प्रदूषण को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और एन जीटी के दिशा निर्देशों के तहत आज जनपद एटा में पराली जलाने के आरोप में  25 किसानों पर डीएम एटा सुखलाल भारती के निर्देश पर संबंधित थानों में राष्ट्रीय हरित क्रियाकलाप अधिनियम 2010 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।


इसके अतिरिक्त पराली जलाने से रोकने में लापरवाही बरतने के आरोप में जिले के 9 लेखपालों और 6 कृषि विभाग के कर्मचारियों पर विभागीय कार्यवाही करने के आदेश भी एटा के डीएम ने दिए हैं। 


डीएम ने पराली जलाने की घटनाओं पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जिले के समस्त एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, सीओ को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि यदि इनके क्षेत्रों में कहीं भी पराली जलाने की घटना सामने आती है तो इन पर अर्थदंड लगाया जाएगा तथा इनके खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी।


उन्होंने कहा है कि किसी भी दशा में किसानों को पराली न जलाने दी जाए नही तो पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।


किसान संगठनों ने किया विरोध


एटा जिले में पराली जलाने वाले 25 किसानों के खिलाफ एफआईआर को लेकर अखिल भारतीय किसान यूनियन ने विरोध किया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी ने कहा है कि हमने तय किया है कि आगामी 10 तारीख को एटा कलेक्ट्रेट पर बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में एक बडी रणनीति बनाई जाएगी। उस रणनीति के बाद पूरे हिंदुस्तान के किसान ग्रामीण भारत को बंद करने का काम करेंगे। आगामी 8 जनवरी को किसान पूरी ताकत दिखाएंगे।