पं० दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय परिसर में महिला अस्पताल का निर्माण कार्य मार्च 2020 तक प्रत्येक दशा में पूरा कराएं : योगी






वाराणसी

 

• वाराणसी में पं0  दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन महिला चिकित्सालय का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया औचक निरीक्षण

 

• सीएम योगी ने कहा - मरीजों को बेहतर से बेहतर निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाए, डॉक्टर व चिकित्सा कर्मी मरीजों के साथ करें अच्छा व्यवहार

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन शनिवार को पाण्डेपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन 50 शैया के महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ की लागत से बन रहे इस चिकित्सालय के निर्माण कार्य में हो रहे विलंब पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को आगामी 3 माह में कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए है। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश देते हुए कहा कि युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर प्रत्येक दशा में निर्माण कार्य को पूरा कराएं। इसके बाद निर्माण के लिए कोई भी अतिरिक्त समय नही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर निर्माण कार्य समय से पूर्ण न हुआ तो पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्यवाही की जाएगी। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का प्रत्येक दशा में पालन और मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराए जाने का निर्देश भी दिया।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निरिक्षण के दौरान पं०  दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि चिकित्सालय में आने वाले प्रत्येक मरीज को उसके आवश्यकता अनुसार बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया जाए। मरीजों के साथ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार अच्छा होना चाहिए। चिकित्सालय में समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित रखा जाए। 

 

खेल रहे बच्चों से मिले योगी, बच्चे हुए गदगद

 

पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां पर दो बच्चों को खेलते देखकर रुके और उनके सिर पर हाथ फेरते हुए बातचीत की। बच्चों ने बताया कि ठंड के कारण स्कूल बंद है, जिससे स्कूल न जाकर वे यहां खेल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों बच्चों के सिर पर हाथ फेर कर आशीर्वाद दिया, तो दोनों गदगद हो गए।