मच्छर से परेशान ग्रामीण व शहरी लोग

अमेठी |


हरिकेश यादव - संवाददाता ( इंडेविन टाइम्स )



(फोटो - गंदगी से पटी नालियां)


सरकारी धन को पंचायत की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति असानी से डकार रही है। नाली में प्रदूषित पानी भरा होने से लोग दुर्गंधयुक्त वातावरण मेंरहने को मजबूर है। पेयजल संस्थानों पर जल भराव की समस्या आम है। इस सीलन और जलभराव से मच्छर का प्रकोप जारी है। जिसके बचाव के लिए पंचायतें पूरी तरह से उदासीन है। शिकायत पर भी प्रशासन कुछ सुनने को तैयार नही है। समिमियॉ पैसा निकालने के बाद कब खर्चा करती है और क्या खरीददारी हुई इसका व्यौरा किसी पंचातय में सार्वजनिक स्थलों पर देखने को नही मिलता ।


पंचायतों में तैनात सॅफाईकर्मी तो महज दिखावा है। वह झाडू लगाने और साफ-सफाई करने से परहेज करते हुए सिर्फ प्रधान के घर आवभगत में लगे रहते हैं । जलभराव और पेयजल के हैंडपम्प के आस-पास सोखता गड्ढा यदा-कदा नजर आता है। जिससे जलभराव होना स्वाभाविक है।  
 


नगर पंचायत और नगर पालिका सिर्फ नालियों के कचड़े को निकाल बाहर करती है लेकिन प्रदूषित पानी में मच्छर के रोकथाम के लिए कोई व्यवस्था नही की जाती। जिससे  दुर्गंधयुक्त वातावरण में लोग रहने को मजबूर है ।शाम को मच्छर को प्रकोप बहुत तेजी से होता है। इस बारे में लाल बहादुर सिंह, संतोष कुमार शुक्ल, अनिल सिंह, हरीश्चन्द्र शुक्ल, अशोक कुमार श्रीवास्तव, आदि बताते है मच्छर के प्रकोप से इतना परेशानी है कि दिन भर मच्छरों से मोर्चा लेना पड़ता है  ।


नगर पंचायत सिर्फ नाली का कचरा निकालती है लेकिन प्रदूषित पानी के बहने और निकलने का कोई रास्ता नही है।  इस सीलन से और कचरे से मच्छर का पूरा साम्राज्य नाली और दुकानों के आस-पास कायम है। इससे निजात दिलाने के लिए पंचायते कोई व्यवस्था नही करती । 
 


मुख्यविकास अधिकारी अमेठी प्रभूनाथ से बात हुई तो उन्होने  कहा  लोगों मे जागरूकता का अभाव है जलठहराव होने पर मच्छर पैदा होंगे ,इनके रोकथाम के लिए जागरूकता लोगो में लानी होगी। नालियां ढकी हो और सोख्ता गड्ढे का निर्माण हो। निंरतर साफ-सफाई होने से रोकथाम सम्भव है। फिरहाल शिकायत मिली है तो पंचायतों के साथ नगर पचांयतों की  खबर ली जायेगी और इसके लिए टीम गठित कर जांच कराई जायेगी। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।