कुलदीप सेंगर के खिलाफ फैसला सुरक्षित, 16 दिसंबर को आएगा निर्णय


उन्नाव.


उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब 16 दिसंबर को अपना फैसला सुनाएगी। इस केस में अगर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दोष सिद्ध होता है तो उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई जा सकती है।


तिहाड़ में कैद है सेंगर


28 जुलाई को दुष्कर्म पीड़िता रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी। रास्ते में उसकी कार को गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में पीड़िता व उनका वकील गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसकी चाची व मौसी की मौत हो गई थी। दोनों का इलाज दिल्ली के एम्स से चल रहा है। परिवार ने विधायक कुलदीप पर जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीतापुर जेल में बंद रहे सेंगर को तिहाड़ शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था।


सितंबर में तय हुआ था आरोप


दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सात दिन में जांच का आदेश दिया। साथ ही इसकी सुनवाई दिल्ली की तीस हजारी अदालत को सौंप दी। 2 अगस्त को जांच के लिए 7 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया। सेंगर के अलावा तीन अन्य आरोपी हैं और ये सभी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। सितंबर माह में तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप तय किए थे। कोर्ट ने कहा कि सेंगर के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिससे तय होता है कि उन्होंने दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने विधायक सेंगर पर आईपीसी की धारा 120 बी, 363, 366, 109, 376 (आई) और पॉक्सो एक्ट तीन और चार के तहत आरोप तय किए थे।


सीबीआई ने कहा था- पीड़िता के आरोप सही


सुनवाई के दौरान कोर्ट में सीबीआई ने कहा था कि उन्नाव रेप मामले में हमने जांच में पाया कि पीड़िता के आरोप बिल्कुल सही हैं। 4 जून 2017 को विधायक कुलदीप सेंगर ने शशि सिंह के साथ साजिश कर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इसी पर चार्जशीट दायर की गई थी। सीबीआई ने बताया था कि शशि सिंह ने पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने सेंगर के घर ले गया। उस वक्त घर पर कोई मौजूद नहीं था। सुरक्षा कर्मी भी नहीं थे।