खेत ना खलिहान व्यापारी बन गए किसान

अमेठी ।


हरिकेश यादव संवाददाता - (इंडेविन टाइम्स)


हमेशा से सुर्खियों में रहने वाला अमेठी आज व्यापारियों के किसान बनने के कारण चर्चित हो रहा है ।क्षेत्र के अधिकांश व्यापारी जिनके पास एक बिसुवा खेत भी नही है वे व्यापारी किसान बनकर सरकारी क्रय केंद्रों पर बेरोकटोक धान व गेहूं के बीजों को बेच रहे हैं। इस कार्य में सरकारी कर्मचारियों  की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। अन्यथा सरकारी धन  व्यापारियों की निजी खातों में नहीं पहुंच सकता।



(फोटो -सरकारी बोरों में भरे गए धान व गेहूं के बीज )


विकासखंड भादर  के अंतर्गत स्थित बीज क्रय केंद्र ढेमा ,रामगंज ,पीपरपुर सहित कई केंद्रों पर किसान अपना बीज बेचने के लिए हैरान व परेशान दिख रहे है । वही व्यापारी किसानों के नाम पर आसानी से ऑनलाइन आवेदन करा कर धान के बीजों को सहकारी समिति केंद्रों पर भेज देते है और सरकारी भुगतान को अपने निजी खातों में मंगा लेते है |


रामगंज ,पीपरपुर, दुर्गापुर, नारायनपुर ,त्रिशुंडी ,छीड़ा, आलमपुर ,रतापुर ,कल्याणपुर व भादर आदि क्षेत्रों के व्यापारी नकली किसान  बनकर असली किसानों के हक पर डाका डाल रहे है। नाम ना छापने की शर्त पर ,सरकारी बोरों में धान भर रहे मजदूरों ने बताया कि हमारे मालिक (व्यापारी ) का मंडी समिति के प्रभारियों से टाई अप रहता है जिससे हमें धान बेचने व भुगतान मिलने में कोई भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता है। हम लोग किसानों का आधार कार्ड ले लेते हैं और उन्हीं के नाम पर रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। इस बारे में रामगंज क्रय समिति के प्रभारी प्रमोद शुक्ला से जब बात की गई तो उन्होंने बताया की घटना पूरी तरह से असत्य है यहां पर किसी व्यापारी का कोई भी टाई अप नही है।