कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा -सेना का काम संभालें जनरल रावत, राजनीति हमें करने दें


तिरुवनंतपुरम


केरल के तिरुवनंतपुरम पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत को नसीहत दी है। जनरल रावत से राजनीति ना सिखाने की अपील करते हुए चिदंबरम ने कहा है कि यह आर्मी का काम नहीं है कि वह नेताओं को बताए कि क्या करना है। चिदंबरम ने गृहमंत्री अमित शाह के बारे में कहा कि उन्हें नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर संसद में हुई बहस को दोबारा सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने संसद में एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया।


चिदंबरम ने जनरल बिपिन रावत को आड़े हाथ लेते हुए कहा, 'डीजीपी और आर्मी जनरल से सरकार का समर्थन करने को कहा जा रहा है। यह शर्मनाक है। मैं जनरल रावत (बिपिन रावत) से अपील करता हूं कि आर्मी की अगुवाई करें और अपना काम करें। नेताओं को जो करना है, वे करेंगे।' बता दें कि जनरल बिपिन रावत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर नेता लोगों को हिंसा और आगजनी करने के लिए उकसाता है तो उसे नेतृत्व नहीं कहा जा सकता है।


सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शनों की ओर इशारा करते हुए जनरल रावत ने कहा था, 'नेता कभी गलत दिशा में नहीं ले जाता है। यहां तक कि आपको भीड़ में भी नेता मिल जाते हैं लेकिन नेता वह है, जो लोगों को सही दिशा में ले जाए। नेता वह नहीं जो गलत दिशा में ले जाए। जैसा हम बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय और कॉलेज छात्रों को देख रहे हैं, जिस तरह वे शहरों और कस्बों में आगजनी और हिंसा करने में भीड़ की अगुवाई कर रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं है।'

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने आगे कहा, 'यह आर्मी का काम नहीं है कि वह नेताओं को बताए कि क्या करना है। ठीक इसी तरह यह हमारा काम भी नहीं है कि हम आर्मी को बताएं कि युद्ध कैसे लड़ना है। अगर आप लड़ाई लड़ रहे हों तो हम नहीं बताते हैं कि आपको कैसे लड़ना है। आप अपने हिसाब से लड़ते हैं और इस देश में राजनीति हम करेंगे।'

अमित शाह पर निशाना साधते हुए चिदंबरम ने कहा, 'अमित शाह को फिर से लोकसभा और राज्यसभा की डिबेट सुननी चाहिए। उन्होंने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया और वह इस मुद्दे पर राहुल गांधी को बहस की चुनौती दे रहे हैं। इस कानून में सबकुछ गलत है।'