इंटरनेट बंद करने पर हाईकोर्ट सख्त ,योगी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब


प्रयागराज. 


नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के 28 जिलों में इंटरनेट सेवाएं ठप है। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए योगी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत इस मामले में अब तीन जनवरी को सुनवाई करेगी। अदालत ने अगले कार्यदिवस पर हलफनामा के जरिए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।


इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय, सीनियर एडवोकेट रवि किरण जैन समेत तमाम वकीलों ने शुक्रवार को चीफ जस्टिस कोर्ट में उपस्थित होकर इंटरनेट सेवाएं बंद होने की जानकारी दी। इससे हो रही आम आदमी की परेशानियों को साझा किया। 


कहा कि, अचानक इंटरनेट सेवा बंद होने से इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं को दिक्कत झेलनी पड़ी। अधिवक्ताओं ने इंटरनेट सेवा बंद होने से न्याय प्रशासन में व्यवधान उत्पन्न होने की शिकायत मुख्य न्यायाधीश से की। इस पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर व न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने उस पर जनहित याचिका कायम करते हुए उसे तीन जनवरी को सुनवाई करने का आदेश दिया। साथ ही राज्य सरकार व जिला प्रशासन से इस संबंध में जानकारी मांगी है। 


एडिशनल एडवोकेट जनरल एके गोयल ने कोर्ट में पेश होकर बताया कि कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा होने की वजह से यह कदम उठाना पड़ा। फिलहाल पाबंदी सिर्फ शनिवार तक के लिए ही है। अदालत ने यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दस दिनों का वक्त दिया गया है।


इन जिलों में ठप है इंटरनेट


उन्नाव, सुल्तानपुर, आगरा, संभल, लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, मऊ, आजमगढ़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, प्रयागराज, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, रामपुर, फिरोजाबाद समेत 28 जिलों में इंटरनेट बंद है |