हिंदुस्तानी मुसलमानों को एनआरसी से कोई खतरा नहीं -वसीम रिजवी


लखनऊ


उत्तर प्रदेश सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड ने कहा है कि हिंदुस्तानी मुसलमानों को एनआरसी से कोई खतरा नहीं है। बोर्ड ने यह भी कहा कि इसे हिंदुस्तान में लागू होना चाहिए। बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा कि असल मामला घुसपैठियों की पहचान का है, जो हमारे देश के लिए खतरा हैं।


एनआरसी की वकालत करते हुए रिजवी ने कहा, 'घुसपैठिए कांग्रेस, तृणमूल और समाजवादी पार्टी के लिए वोट बैंक हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर प्रदेश में घुसपैठियों के वोटर आईडी कार्ड बना रही है। रिजवी ने कहा कि जब एनआरसी लागू होगा तो घुसपैठियों की शक्ल सामने आएगी।

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के जो अल्पसंख्यक हिन्दू भारत आए हैं, वे असल में धर्म के आधार पर जुल्म झेल और अपनी जान बचा कर आए हैं। उनको नागरिकता संशोधन कानून का लाभ मिलना चाहिए। इन देशों के जो मुसलमान भारत आए हैं वह अपने निजी फायदे के लिए आए हैं या भारत को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आए हैं।'

'बाहरी मुस्लिमों को शामिल करना देश हित में'
उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून में मुसलमानों को न शामिल करना भारत की सुरक्षा के हित में है। रिजवी ने कहा कि जो भारत का मुसलमान है, वही सिर्फ हिंदुस्तानी है। जो मुसलमान घुसपैठिए हैं, उनको देश छोड़ना ही चाहिए।

'साजिश के तहत कराए गए हिंसक प्रदर्शन'


रिजवी ने कहा कि एनआरसी और संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कांग्रेस और उसकी जैसी पार्टियों ने हिंदुस्तानी मुसलमानों से करवाकर सड़कों पर उनका खून बहाया है। उन्होंने कहा कि अभी हाल में कई प्रदेशों में जो उग्र प्रदर्शन हुए हैं, वह साजिश के तहत कराए गए हैं ।