एसबीआई ने होम लोन पर ब्याज दर 0.25% घटाई, नए ग्राहकों के लिए 7.90% होगा इंट्रेस्ट रेट


मुंबई. 


स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने सोमवार को होम लोन पर एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड रेट (ईबीआर) की दरों में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की कटौती कर 7.80% कर दिया है। इससे होम लोन की दरें भी कम होकर 7.90% हो गई। पहले एसबीआई का न्यूनतम होम लोन रेट 8.15% था। ये नई दरें 1 जनवरी 2020 से लागू होंगी और उसके बाद होम लोन लेने पर 7.90% का ब्याज लगेगा।


एसबीआई ने बयान जारी कर बताया कि इस कटौती से न सिर्फ होम लोन लेने वाले ग्राहकों को बल्कि एमएसएमई (मीडियम एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज) के उन कर्जदारों को भी मिलेगा, जिन्होंने ईबीआर लिंक्ड लोन लिया है।


कम से कम 7.90% होगी ब्याज दर


स्टेट बैंक ने अब रिजर्व बैंक के रेपो रेट (मौजूदा 5.15%) के मुकाबले अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड रेट (ईबीआर) को 265 बेसिस पॉइंट ज्यादा की दर पर रखा है। एसबीआई लोन लेने वाले कस्टमर्स पर इसके ऊपर 10 से 75 बेसिस पॉइंट ऊंची दरें लगाता है। यानी अगर बैंक ने ईबीआर की दर 7.80% की है, तो ग्राहकों को लोन की रकम के आधार पर ईबीआर से 0.10% से 0.75% ज्यादा की दर से ब्याज देना पड़ेगा। इसीलिए बैंक अब नए ग्राहकों को कम से कम 7.90% की दर से होम लोन देगा। यह दर लोन की रकम के आधार पर 8.65% तक हो सकती है। 


4 तरह के होते हैं बेंचमार्क; होम और पर्सनल लोन की दरें ईबीआर से तय होती हैं
आरबीआई ने बैंकों के लिए 4 तरह के बेंचमार्क तय किए हैं। पहला- आरबीआई रेपो रेट। दूसरा- केंद्र सरकार के 3 महीने के ट्रेजरी बिल पर दिया जाने वाला रेट। तीसरा- केंद्र सरकार के 6 महीने के ट्रेजरी बिल पर दिया जाने वाला रेट और चौथा- फाइनेंशियल बेंचमार्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एफबीआईएल) की तरफ से जारी कोई भी बेंचमार्क रेट। बैंक इनमें से किसी भी बेंचमार्क को मानने के लिए स्वतंत्र हैं। आरबीआई ने अक्टूबर 2019 में एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें कहा था- पर्सनल, होम, रिटेल लोन और छोटे कारोबारियों को मिलने वाले लोन की दरें ईबीआर के तहत तय की जाएंगी।