दिमाग कुछ कह रहा है दिल कुछ और ! - डॉ ऋतेश कुमार मिश्र


डॉ ऋतेश कुमार मिश्र
(संरक्षक - इंडेविन टाइम्स)


मैं बड़ी दुविधा में हूँ , हैदराबाद की पुलिस एनकाउंटर की  घटना दिल से अत्यंत प्रशंसनीय है क्योंकि न्याय व्यवस्था की हरेक सीढ़ी के चरण लचर है। जो अपराधी रेप करने के बाद चिकित्सक महिला को बड़े वीभत्स तरीके से जला सकता है, उसकी मनोदशा को देखते हुए यह कोई बड़ी बात नही कि वह पुलिस से हथियार छीनने का प्रयास नही कर सकता था; और फिर न्यायव्यवस्था से लगभग सभी का विश्वास उठता ही जा रहा है, इस लिहाज से यह एनकाउंटर एकदम सटीक ही है।


मगर दूसरा  पहलू आज संविधान निर्माता बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर यह भी है कि संविधान के हरेक चरण को खासकर न्यायव्यवस्था को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, क्योंकि पुरानी घिसी पिटी थ्योरी से एनकाउंटर किसी अपराधी या आरोपी का ही नही होता बल्कि न्याय न्यायालय एवं संविधान का होता है ।