CAA हिंसा: पीएफआइ पर लगेगा प्रतिबंध, डीजीपी ने की सिफारिश, केंद्र को भेजा पत्र


लखनऊ. 


नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हुई। इस हिंसा में लखनऊ व शामली व अन्य जिलों से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) के 22 पदाधिकारी व सदस्य गिरफ्तार हुए। जिनके कब्जे से कई अहम दस्तावजे पुलिस के हाथ लगे, जो इस बात को साबित करते थे कि, हिंसा में इस संगठन का सीधा हाथ था। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा- पीएफआइ पर प्रतिबंध के लिए राज्य के गृह विभाग के माध्यम से भारत सरकार को पत्र भेजा जा रहा है। वहीं, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा है कि, यह संगठन प्रतिबंधि सिमी का लघु रूप है। इसे प्रतिबंधित किया जाएगा।


गृह विभाग को भेजे गए सिफारिशी पत्र में डीजीपी मुख्यालय ने लिखा है कि, इस्लामिक स्टूडेंट मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के ज्यादातर सदस्य पीएफआइ से जुड़े हुए हैं। ये संगठन पश्चिमी यूपी में ज्यादा सक्रिय है। पूर्वी यूपी में भी अपने पांव पसार रहा था। पीएफआइ के कई सदस्य पकड़े गए हैं, जिन पर हिंसा फैलाने के आरोप हैं। इन लोगों के पास से बाबरी मस्जिद से जुड़े कई वीडियो, आपत्तिजनक साहित्य व साग्रमी बरामद की गई है।


लखनऊ हिंसा में मास्टर माइंड निकला पीएफआइ


लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें पीएफआई अध्यक्ष वसीम अहमद, कोषाध्यक्ष नदीम, मंडल अध्यक्ष अशफाक शामिल हैं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इस बात का दावा भी किया था कि लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का मास्टरमाइंड यही संगठन है। 


सूबे के 13 राज्यों में सक्रिय है ये संगठन
पीएफआइ यानि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एक उग्र इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है। ये संगठन दक्षिण भारत में ज्यादा सक्रिय है। जबकि दिल्ली, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, केरल, झारंखड, पश्चिम बंगाल समूचे भारत के 13 राज्यों में सक्रिय है। बीते छह माह से उत्तर प्रदेश में संगठन की गतिविधियां बढ़ गई थीं। पीएफआइ दावा करता है कि, वह एक ऐसा संगठन है जो लोगों को उनका हक दिलाता है। उसके काम सामाजिक हितों के हैं। झारखंड में गैरकानूनी कामों में संलिप्तता के चलते वहां की सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पीएफआइ ने भड़काऊ पोस्टर भी लगाए थे।