आवारा पशु ,नीलगाय और सांडों से परेशान हो रहा है किसान

अमेठी।


हरिकेश यादव -संवाददाता( इंडेविन टाइम्स)


गौ पालको आपका ध्यान किधर है आवारा पशु इधर है ?


प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना के तहत किसानों को 6000 रुपए वार्षिक अनुदान देकर मरहम लगाने का कार्य कर रही है ,तो वही उनकी सरकार में आवारा पशुओं की भरमार है। जिससे किसान पूरी तरह से हैरान व परेशान है , इनकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है। जब अन्नदाता किसान स्वयं ही परेशान है तो बाजार में अनाज कहां से आएगा ।यदि यही स्थिति रही तो जो हाल अभी प्याज का है वही हाल गेहूं का भी होने वाला है | आखिर कौन से लोग है जो इन आवारा पशुओं को छोड़ देते हैं। जिनके खिलाफ सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। कहने के लिए सरकार द्वारा जगह-जगह गोपालको  की व्यवस्था की गई है और बकायदा सरकार द्वारा उन्हें अनुदान भी दिया जा रहा है। जो केवल  कागजों पर चल रहे हैं ।


ऐसे में आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को बर्बाद होने से बचाने के लिए सरकार कोई कदम ना उठाया जाना  समाज तथा क्षेत्र वासियों के लिए बेहद चिंतनीय है। जिसका निराकरण होना अत्यंत आवश्यक है ।गांव के कुछ किसान आवारा जानवरों से अपनी फसलों को बचाने के लिए खेत के चारों तरफ कटीले तार लगा रखे हैं ।इस कप कपाती ठंड में किसान घरों में रहने के बजाय खेतों की रखवाली कर रहे है । ऐसे में उनके साथ कभी भी अप्रिय घटना घटित  हो सकती है।



(फोटो -  खेतों की चर कर सफाई करते आवारा पशु  )


आज जब संवाददाताओं की टीम ने इस गलन भरी ठंड में क्षेत्र का निरीक्षण किया तो पाया  विकासखंड भादर के कुरंग, रायपुर ,त्रिशुंडी ,आलमपुर  ,छीड़ा, मवैया, सोनारी ,अग्रेसर, भागीपुर, दुल्हिनपुर ,दुर्गापुर ,नरवहनपुर, पीपरपुर, खानापुर, अयोध्या नगर, इस्माइलपुर, नेवढ़िया, सवंगी, भादर ,घोरहा, गाजीपुर  सहित सभी गांव के किसान आवारा पशुओं से हैरान व परेशान हैं ।उनका मानना है कि आने वाले समय में आवारा पशु की समस्या से निजात दिलाने वाली सरकार दुबारा सत्ता में आएगी।