3 साल में टिकटों बिक्री से ताजमहल ने कमाए 200 करोड़ रुपये


आगरा


विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल ने पिछले तीन वर्षों में टिकट की बिक्री से 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। हालांकि, सरकार ने इस अवधि में इसके संरक्षण के लिए केवल 13.37 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हाल ही में लोकसभा में पर्यटन और संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद पटेल द्वारा इन आंकड़ों का खुलासा किया गया था।


टिकट की कीमतों में वृद्धि के बावजूद ताज में आगंतुकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में घरेलू और विदेशी दोनों ही लगभग 2 करोड़ पर्यटकों ने ताज का दौरा किया। यह तब है जब ताज में प्रवेश शुल्क भारतीय पर्यटकों के लिए 40 से 50 रुपये है। वहीं, विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट की कीमत पिछले साल 8 अगस्त को रुपये कर दिया गया था। वहीं, 10 दिसंबर को मुख्य मकबरे में 200 रुपये का एक अलग प्रवेश टिकट पेश किया गया था।

इस तरह हुई कमाई


लोकसभा में मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, 2016-17 में 61.77 लाख पर्यटकों से 55.09 करोड़ रुपये की कमाई हुई। वहीं, 2017-18 में 65.65 लाख पर्यटकों से 58.76 करोड़ की कमाई हुई। 2018-19 में कुल 70.9 लाख टिकट बिके और इससे 86.48 करोड़ की कमाई हुई। इसी तरह, मंत्री के अनुसार 2016-17 में इसके संरक्षण पर 4.5 करोड़ रुपये, 2017-18 में 3.38 करोड़ रुपये और 2018-19 में 5.48 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

'बुनियादी ढांचे पर 2.5 करोड़ हुए खर्च'


एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद (आगरा सर्कल) वसंत के स्वर्णकार ने कहा कि हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार, अप्रैल 2018 में बुनियादी ढांचे के विकास पर लगभग 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे जब टर्नस्टाइल (घूमने वाला दरवाजा) गेट स्थापित किए गए थे। उन्होंने कहा कि अब तक 28 पीने के पानी के फव्वारे लगाए गए हैं और चार और जोड़े जल्द लगाए जाएंगे। इस बीच एक विशेष वातानुकूलित भोजन कक्ष भी स्थापित किया गया।