यूपीपीसीएल घोटाले में 48 घंटे की पूछताछ के बाद , पूर्व एमडी पीके गुप्ता के बेटे अभिनव को किया गया गिरफ्तार


लखनऊ.


 उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (यूपीपीसीएल) कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईओडब्ल्यू ने यूपीपीसीएल के एमडी पीके गुप्ता के बेटे अभिनव गुप्ता को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा ब्रोकर आशीष चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।


सूत्रों के अनुसार अभिनव और आशीष को 48 घंटे की पूछताछ के बाद ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया है। अभिनव गुप्ता के जरिए ही डीएचएफएल में भविष्य निधि का पैसा निवेश किया गया। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल ) के गिरफ्तार महाप्रबंधक पीके गुप्ता के बेटे अभिनव गुप्ता को बुधवार को हिरासत में ले लिया गया था। पिछले 8 दिनों से फरार चल रहा अभिनव उत्तर प्रदेश पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के कार्यालय में यूपीपीसीएल कर्मचारियों के भविष्य निधि घोटाला मामले में बयान दर्ज करवाने के लिए पहुंचे थे।


रियल इस्टेट के कारोबार से जुड़े अभिनव को ईपीएफ घोटाले में शामिल बताया जा रहा है। प्रथम दृष्ट्या अभिनव पर ब्रोकरेज फर्मों के साथ मध्यस्थता करने का आरोप लगाया गया है, जिसने एक निजी कंपनी डीएचएफएल के साथ पीएफ निवेश का सौदा हासिल किया था।


इस मामले में पहले तीन आरोपी हुए थे गिरफ्तार
इसमें नामजद पॉवर कार्पोरेशन के तत्कालीन निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी तथा तत्कालीन सचिव (ट्रस्ट) प्रवीण कुमार गुप्ता को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा जा चुका है। प्रवीण गुप्ता को आगरा और सुधांशु द्विवेदी तथा पूर्व एमडी एपी मिश्रा को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।


यह है मामला
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के एक लाख से अधिक कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ)और अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) के 2267.90 करोड़ रुपये दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में फंस गए हैं। कर्मचारियों और विपक्षी नेताओं ने यह मुद्दा उठाया तो सरकार ने कई कार्रवाइयां कीं। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।