सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 पर कोई अंतरिम आदेश देने से किया इनकार ,सभी को सुनने के बाद ही देंगे फैसला

 


नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 हटाए जाने की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार किया है। जस्टिन एन.वी. रमन्ना की 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने कहा कि इस संबंध में कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने से मामले में देरी हो सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोई फैसला देगी। जस्टिस रमन्ना के अलावा जस्टिस एस.के. कौल, जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी, बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि वह इस मामले में 10 दिसंबर को अगली सुनवाई करेंगे।


इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से उन दो नई याचिकाओं पर भी जवाब मांगा है, जिनमें आर्टिकल 370 हटाने को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। इससे पहले कोर्ट ने आर्टिकल 370 हटाने के खिलाफ नई याचिकाओं को फाइल करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन अदालत ने कहा कि इन दो अर्जियों में महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं, इसलिए इन पर सुनवाई की जाएगी। बेंच ने सभी पक्षों से दस्तावेंजों को तैयार करने को कहा है ताकि सुनवाई आसान हो सके। दो नई याचिकाओं समेत फिलहाल कई अर्जियां इस मसले पर कोर्ट के समक्ष लंबित हैं।

नैशनल कॉन्फ्रेंस, सज्जाद लोन की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस और सीपीएम लीडर मोहम्मद युसूफ तारिगामी ने केंद्र सरकार की ओर से 5 अगस्त को आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को चुनौती दी है। लोकसभा सांसद मोहम्मद अकबर लोन और रिटायर्ड जस्टिस हसनैन मसूदी ने नैशनल कॉन्फ्रेंस की ओर अर्जी दाखिल की है।

इसके अलावा एक याचिका कई पूर्व रक्षा अधिकारियों और नौकरशाहों की ओर से भी दायर की गई है। इनमें प्रफेसर राधा कुमार, रिटायर्ड एयर मार्शल कपिल काक, रिटायर्ड मेजर जनरल अशोक कुमार मेहता, पूर्व आईएएस अमिताभ पांडे शामिल हैं।