सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को तीन करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य ,10 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और 12 करोड़ लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार


लखनऊ. 


सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के यूपी चैप्टर के अध्यक्ष हरियानारायन राजभर ने सोमवार को कहा कि 2025 तक यूपी में एमएसएमई इकाइयों की संख्या को तीन करोड़ तक पहुंचाने के उद्देश्य से पांच साल का रोडमैप तैयार करने के लिए राज्य सरकार का भी सहयोग लिया जाएगा। राजभर ने यह भी कहा कि ऐसा होने के बाद करीब 10 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और 12 करोड़ लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। 


चैयरमैन डॉ डीएस रावत और ईपीसी के के यूपी चैप्टर के अध्यक्ष पूर्व सांसद हरि हरियानारायन राजभर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बातें कही। 


राजभर ने बताया कि 2015-16 से अपने यहां औसतन 15 लाख एमएसएमई इकाइयों की सालाना बढ़ोतरी करने वाला उप्र ओस क्षेत्र से एक करोड़ 37 लाख 92 लाख हजार पुरुषों और 27.27 लाख महिलाओं समेत एक करोड़ 65 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया हैं। 


उन्होंने बताया कि उम्मीद यह कि वर्ष 2021-22 तक यूपी तक यूपी ने एमएसएमई इकाइयों की संख्या 1.40 लाख करोड़ हो जाएगी और उनसे तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। 


इस दौरान डीएस रावत ने कहा कि एससी एसटी वर्ग के लोगों को रोजगार बढ़ाने के लिए एमएसएमई पूरी मदद करेगी। एससी-एसटी कैटेगरी के लिए एमएसएमई की एक अलग वेबसाइट है जिमसें उनको जानकारी मिलेगी और उनको छूट भी मिलेगी।


उन्होंने यह भी बताया कि 13,14,15 और 16 फ़रवरी को आशियाना में चार दिवसीय रोजगार मेला लगाया जाएगा।