संसद के इसी सत्र में आईपीसी-सीआरपीसी में बदलाव होगा -गृहमंत्री शाह


लखनऊ. 


47वीं ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा- कि हम संसद के इसी सत्र में आईपीसी व सीआरपीसी में बदलाव करेंगे। यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा- जनता का पुलिस के प्रति व पुलिस का जनता के प्रति नजरिया बदलना होगा। जनता में इस बात की अनुभूति जगाना जरुरी है कि- जब लोग त्योहार मना रहे होते हैं, तब हमारे जवान काम कर रहे होते हैं। अधिकारियों को भी इस बात की जिम्मेदारी समझनी होगी कि, पुलिस जवानों के अंदर कार्य का गर्व पैदा करें। कहा- सफलता तभी मिलेगी जब कांस्टेबल से डीजीपी तक एक फोर्स के रूप में काम हो।


गृहमंत्री शाह ने कहा- मोदीजी के आने के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम हो रहा है। फेक करेंसी को रोकने की जिम्मेदारी हम सबकी है। जिससे पांच ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी का मोदीजी का सपना पूरा कर पाएंगे। कहा कि, देश की 15 हजार किमी लैंड बाउंड्री, 75 हजार की कोस्टल बाउंड्री के लिए हमें अभेद सुरक्षा तंत्र बनाने की जरूरत है। दुश्मन को कहीं भी जगह देने की जरूरत नहीं है। लेकिन यह सिर्फ टेक्नोलॉजी से सुरक्षित नहीं हो सकता है। इसके लिए भवनाएं भी होना जरूरी है। अच्छी बिल्डिंग से कुछ नहीं होता। भावना अच्छी होनी जरूरी है। मोटिवेशनल लीडरशिप के बिना कुछ नहीं हो सकता। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारा है। 



शाह ने कहा- यह समारोह समाधान निकालने के लिए होते हैं। जरूरी है कि इस तरह के कार्यक्रमो के समाधान को नीचे तक लागू करना चाहिए। आज तक 1960 से 2019 जो कांग्रेस का आयोजन हुआ। उसमें इस बात का ध्यान देना चाहिए कि आज तक जितने कांग्रेस हुए है उनमें हुआ क्या है? क्या समाधान निकाला गया?