राजस्थान: सांभर झील में आठ दिनों में लगभग 17000 प्रवासी पक्षियों की मौत


जयपुर


राजस्थान के जयपुर, नागौर और अजमेर जिलों में फैली सांभर झील में पिछले आठ दिनों में लगभग 17,000 प्रवासी पक्षियों की मौत हो चुकी है। जयपुर जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने बताया कि पक्षियों की मौत शायद बोटुलिज्म के कारण हुई है। बोटुलिज्म का अर्थ है, मृत पक्षियों के जीवाणुओं से पक्षियों में पनपी अपंगता। इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रवासी पक्षियों की मौत पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार सभी तात्कालिक कदम उठा रही है।


गहलोत ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि सांभर झील इलाके में पक्षियों की मौत चिंताजनक है। राज्य सरकार ने पक्षियों के मरने के कारणों का पता लगाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। यही नहीं, वह इस तरह की घटना को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

'नष्ट कर दिए गए हैं मृत पक्षियों के कंकाल'
मुख्य वन्यजीव संरक्षक अरिंदम तोमर ने सोमवार को बताया कि मृत पक्षियों की संख्या में वृद्धि हुई है और 10 नवंबर से यह संख्या लगभग 17,000 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि मृत पक्षियों के कंकालों को नष्ट कर दिया गया है। जयपुर में अबतक 8500 पक्षियों की मौत हो चुकी है।

बर्ड फ्लू से मौत होने से इनकार
नार्थन शोवलर्स, रूडी शेलडक, प्लोवर्स, एवोसेट्स सहित कई प्रवासी पक्षियों की सांभर झील में मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण होने से इनकार किया है। उल्लेखनीय है कि नमक के लिए दुनियाभर में प्रसिद्व सांभर झील के इलाके में पिछले कुछ दिनों में कई सौ प्रवासी पक्षियों की मौत हो चुकी है।