पूर्व रक्षा मंत्री गौतबाया राजपक्षे नए राष्ट्रपति चुने गए, सोमवार को शपथ लेंगे


कोलंबो.


श्रीलंका के पूर्व रक्षा मंत्री गौतबाया राजपक्षे ने राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है। वे सोमवार को देश के सातवें राष्ट्रपति के रुप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति पद के लिए शनिवार को मतदान हुआ था और परिणाम रविवार को घोषित हुआ। चुनाव आयोग के प्रमुख महिंदा देशप्रिया ने कहा कि राजपक्षे ने 60 लाख से ज्यादा वोट हासिल किए। यह कुल वोटों का 52% है। राजपक्षे ने जीत के बाद ट्वीट किया, “श्रीलंका ने एक नई यात्रा शुरू की है और सभी श्रीलंकाई नागरिक इस यात्रा का हिस्सा हैं। राष्ट्रपति बनने का अवसर देने के लिए आप सभी का आभारी हूं। मैं न केवल उन लोगों का, जिन्होंने मुझे वोट दिया, बल्कि सभी नागरिकों का राष्ट्रपति के रूप में आभारी हूं। आपने मुझ पर जो भरोसा किया है, उस पर मैं आगे बढ़ रहा हूं। आपका राष्ट्रपति होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान होगा।”


चुनाव में राजपक्षे ने प्रेमदासा को 13 लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया। चुनाव आयोग के आधिकारिक ऐलान से पहले ही सरकार की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए सजीत प्रेमदासा ने हार कबूल कर ली थी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपक्षे को बधाई दी। मोदी ने कहा, “गौतबाया राजपक्षे को राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर बधाई। आपके साथ दोनों देशों और नागरिकों के बीच संबंध गहरे करने और क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सुरक्षा बढ़ाने के लिए काम करने को उत्साहित हूं।” प्रधानमंत्री ने राजपक्षे को भारत आने का निमंत्रण दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।


राजपक्षे को सिंहली बहुल इलाकों में समर्थन


राजपक्षे के प्रवक्ता केहेलिया रम्बुकवेला ने इसे गौतबाया की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, “हमें 53 से 54% के बीच वोट मिले हैं। यह हमारी साफ जीत है। सोमवार या उसके एक दिन बाद उनका शपथग्रहण हो सकता है।” राजपक्षे को देश के ज्यादातर सिंहली बहुल इलाकों का समर्थन मिला है, जबकि प्रेमदासा श्रीलंका के पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि वह रविवार शाम तक नतीजे घोषित कर सकता है। 


मतदान के लिए बड़ी संख्या में निकले लोग


चुनाव आयोग के प्रमुख महिंदा देशप्रिय ने बताया कि 1.59 कराेड़ मतदाताओं के लिए देशभर में 12,845 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान के दाैरान हिंसा की घटनाओं के बावजूद 80% वाेटिंग हुई। इस बार चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए 32 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा। इसलिए मतपत्र 26 इंच का था, जो अब तक के चुनावों में सबसे लंबा है। पश्चिम श्रीलंका में एक जगह कुछ अज्ञात लाेगाें ने मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं काे ले जा रही दाे बसाें पर पथराव के बाद गाेलीबारी की। हालांकि इसमें किसी काे चाेट नहीं लगी। पथराव से बसाें के शीशे टूट गए। चुनाव में छिटपुट हिंसा के 69 मामले दर्ज किए गए हैं।


ईस्टर हमले के बाद पहला बड़ा चुनाव


देश में ईस्टर हमले के बाद पहला चुनाव होने के कारण सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। देश भर में 60 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। बैलेट पत्र पर मतदाताओं को तीन शीर्ष प्रत्याशियों के चयन का विकल्प दिया गया था।