कमलेश तिवारी हत्याकांड -हुबली निवासी रेलकर्मी सादिक निकला हत्यारों का असली मददगार!

 



लखनऊ


हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में हुबली निवासी रेलकर्मी मोहम्मद जाफर सादिक आरोपियों का असली मददगार निकला है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को को यूपी में मदद दिलवाने का पूरा जिम्मा उसका था। पुलिस ने 9 नवंबर को कर्नाटक के हुबली से उसे गिरफ्तार कर चुपचाप जेल भेज दिया। इस मामले में आरोपियों के एक और मददगार तनवीर की तलाश है। उसकी लोकेशन नेपाल में बताई जा रही है, जिस कारण उसे पकड़ने में दिक्कत आ रही है। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।

सीओ कैसरबाग संजीव सिन्हा ने बताया कि कमलेश तिवारी हत्याकांड में जाफर सादिक का नाम नागपुर निवासी साजिशकर्ता आसिम अली की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। इसके बाद हुबली पुलिस ने सादिक से पूछताछ की, लेकिन भूमिका साफ न होने पर उसे छोड़ दिया गया। हालांकि, आरोपियों से हुई पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर लखनऊ पुलिस ने उसे नौ नवंबर को हुबली से गिरफ्तार कर लिया। वहां की कोर्ट में पेश करने के बाद उसे 10 नवंबर को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया।


तनवीर की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी पुलिस
यहां कोर्ट में पेश करने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एटीएस सूत्रों ने बताया कि आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन को सादिक के कहने पर ही नेपाल में शरण मिली थी। वहां तनवीर नाम के युवक ने उन्हें ठिकाना दिलवाया था। पुलिस टीमें तनवीर की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं।

प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा था!

एटीएस सूत्रों के मुताबिक, जाफर प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा था, लेकिन साक्ष्यों की कमी के चलते उस पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी। कमलेश तिवारी हत्याकांड में भी हुबली पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा सकी थी। हालांकि, आरोपियों और साजिशकर्ताओं से पूछताछ में सामने आया था कि सादिक ने उनकी मदद की थी। उसी ने नावेद से कहा था कि हत्यारोपितों की यूपी में मदद करें। इसके बाद जफर ने अपने संपर्क की मदद से हत्यारोपितों को यूपी में जगह-जगह मदद दिलवाई। इसके बाद लखनऊ पुलिस की एक टीम हुबली भेजी गई और 9 नवंबर को उसे दबोच लिया गया।