जेएनयू में हॉस्टल और मेस फीस बढ़ाने के विरोध , छात्रों का संसद की ओर महामार्च


नई दिल्ली. 


जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों ने सोमवार को हाॅस्टल मैनुअल में बदलाव और मेस फीस बढ़ाने के विरोध में संसद मार्च शुरू किया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें बेर सराय रोड पर ही रोक दिया। छात्रों को संसद तक जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। उधर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जेएनयू में तनाव को खत्म करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी छात्रों और प्रशासन के बीच सभी मुद्दों को सुलझाने पर बात करेगी।


छात्रों को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी कैम्पस के बाहर पुलिस की 10 कंपनियां (700-800 पुलिसकर्मी) तैनात की गई थीं। संसद के बाहर भी भारी पुलिसबल सुरक्षा में लगा है। जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन (जेएनयूटीए) ने यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिस रखने पर चिंता जाहिर की है।


हॉस्टल, मेस समेत अन्य सुविधाओं की फीस बढ़ाने को लेकर छात्रों ने 15 दिनों तक प्रदर्शन किया। हालांकि, कुछ मामलों में फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने के बाद भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। उनका कहना है कि जब तक पहले जैसा फीस स्ट्रक्चर नहीं हो जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।


जेएनयू गेट के बाहर 1200 पुलिसकर्मी तैनात


जेएनयू गेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है. दिल्ली पुलिस ने 9 कंपनी फोर्स तैनात की है. करीब 1200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवान शामिल है. 


दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि जेएनयू छात्रों को पार्लियामेंट तक नहीं जाने दिया जाएगा. पार्लियामेंट के आसपास धारा-144 लगी हुई है. सूत्रों का कहना है कि जेएनयू छात्रों को जेएनयू के आसपास ही एक किलोमीटर के दायरे में रोकने की प्लानिंग है. हालांकि किस पॉइंट पर रोका जाएगा ये अभी फाइनल नहीं किया गया है.