हाईकोर्ट बेंच लखनऊ ने केंद्र व राज्य सरकार को मुस्लिम वक्फ बोर्ड बनाने का दिया सुझाव


लखनऊ. 


इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र व राज्य सरकार को मुस्लिम वक्फ बोर्ड बनाने का सुझाव दिया है। अभी शिया और सुन्नियों के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड हैं। यह आदेश जस्टिस पंकज जायसवाल और जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने मसर्रत हुसैन की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है।


मसर्रत हुसैन ने याचिका में शिया व सुन्नी वक्फ बोर्डों को समाप्त कर मुलिस्म वक्फ बोर्ड बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार आदेश देने की मांग की थी। उन्होंने दलील दी है कि वक्फ अधिनियम की धारा 13 (2) के मुताबिक राज्य सरकार चाहे तो शिया व सुन्नी वक्फ बोर्डों की अलग-अलग स्थापना कर सकती है, लेकिन ऐसा तभी सम्भव है जबकि प्रदेश में शिया वक्फ की संख्या कुल वक्फों से कम से कम 15 फीसदी हो अथवा वक्फों की सम्पत्तियों से शिया वक्फों की कुल आय 15 फीसदी हो।


प्रदेश में न तो शिया वक्फ की सम्पत्तियां 15 फीसदी हैं और न ही इन सम्पत्तियों से इतनी आय है लिहाजा अधिनियम की धारा 13 (2) के अनुसार प्रदेश में शिया व सुन्नी अलग-अलग वक्फ बोर्ड की स्थापना विधि सम्मत नहीं है। उन्होंने बताया  कि 24 सितम्बर 2019 को सरकार को भी प्रार्थनापत्र देकर यह  मांग की गई थी, जिस पर कोई विचार नहीं किया गया।