भतीजे ने एक बार भी सुलह की पहल नहीं की ,' रिश्तों की चादर पर जमी है बर्फ ' -शिवपाल


उन्नाव/कानपुर.  


प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के मुखिया शिवपाल यादव परिवार को एकजुट बनाए की कोशिश में लगे हैं। इसी को लेकर उन्होंने पिछले दिनों नरमी के संकेत दिए थे। लेकिन सपा और शिवपाल के बीच जमी बर्फ अभी भी नहीं पिघली हुई है। शिवपाल ने एक बार फिर कहा है कि भतीजे ने एक बार भी सुलह की पहल नहीं की है। मैं तो तैयार हूं पर कोई बात तो करे मुझसे। 


ट्रांसगंगा सिटी के किसानों से मिलने के लिए शिवपाल सिंह यादव बुधवार देर शाम को उन्नाव पहुंचे थे। किसानों से मिलने से पहले शिवपाल सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी पार्टी ने तय किया है कि नेताजी का जन्मदिन एकता दिवस के रूप में उत्तर प्रदेश के हर जिले मनाएगी । हम तो हमेशा एकता के पक्ष में रहे है हमने जब भी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई है सभी को जोड़कर सरकार बनाई है। हमारा प्रयास है कि फिर से सबको एक करके सरकार बनाई जाए। लेकिन मुझसे बात करे तो कोई। तब सब कुछ तय हो जाएगा।


जब उनसे पूछा गया यदि विलय होता है तो पार्टी का नाम सपा रहेगा या प्रसपा तो, उन्होने कहा कि अभी तो हमने गठबंधन की बात कही है वो तो बात होगी तब तय होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या विलय नहीं हो सकता है तो इसपर वह चुप्पी साध गए। 


किसानों पर अत्याचार नहीं होना चाहिए


ट्रांस गंगासिटी पर बोलते हुए कहा कि किसानों पर अत्याचार नहीं होना चाहिए था। लाठी गोली नहीं चलनी चाहिए थी। वहां पर लगभग 1900 किसानों को मुआवजा मिल चुका है। 134 किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। उन किसानों ने अपनी खेती पर फसल उगा ली। फसल कटने वाली थी लेकिन जब वहां पर बुल्डोजर चला खेती उजाड़ दी गई तब किसान उग्र हुआ। यदि फसल को नहीं उजाड़ा जाता तो शांत तरीके से मुआवजा मांगता। 


अखिलेश मतभेद भुलाएं तो 2022 में वे मुख्यमंत्री होंगे: शिवपाल


पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नाराज होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाने वाले उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव ने इससे पहले इटावा में पत्रकारों से कहा था कि अगर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आपसी मतभेद भुला देंगे तो वे फिर 2022 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने में कामयाब होंगे। हमारी प्राथमिकता समाजवादी पार्टी है। हमने लंबे समय तक नेताजी के साथ काम किया है। हमारी विचारधारा भी समाजवादी है।