आईआईटी के रिसर्चर्स तैयार करेंगे 'गांधीपीडिया'


कोलकाता


बहुत जल्द ही आप गांधीजी की किताबों, पत्रों और भाषणों को डिजिटल फॉर्म में पढ़ सकेंगे। गांधीजी के इन कार्यों को डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध कराने के लिे दो आईआईटी और नैशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम ने हाथ मिलाया है। वे गांधीजी की 150वीं जयंती पर 'गांधीपीडिया' तैयार करेंगे। गांधीपीडिया में गांधीजी द्वारा लिखी गई पुस्तकों, पत्रों और भाषणों का संग्रह होगा।


आईआईटी खड़गपुर की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि पूरे प्रॉजेक्ट को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की मदद से अंजाम दिया जाएगा। बताया गया है कि पहले चरण में गांधीजी द्वारा लिखित 40 से ज्यादा किताबों को डिजिटल फॉर्म में बदला जाएगा।


उनकी इंडेक्स तैयार की जाएगी और उनके हिस्सों को ट्वीट किया जाएगा। पहले चरण को अगले साल मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा चार और चरण में काम को अंजाम दिया जाएगा। आगे के सभी चार चरणों को मार्च 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है।

इस परियोजना में आईआईटी खड़गपुर के साथ आईआईटी गांधीनगर भी सहयोग कर रहा है। नैशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है। वह भी इसमें सहयोग कर रहा है।

आईआईटी खड़गपुर के कंप्यूटर साइंस और इंजिनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रफेसर अनिमेष मुखर्जी ने बताया कि महात्मा गांधी की किताब 'सच के साथ मेरे प्रयोग' से शुरुआत की जाएगी। इस परियोजना की अगुवाई प्रफेसर मुखर्जी ही कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांधीजी के पत्रों और भाषणों समेत उनके कुल 100 कार्यों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।